तक़दीर से मिली है मोहब्बत हुसैन की / Taqdeer Se Mili Hai Mohabbat Hussain Ki
तक़दीर से मिली है मोहब्बत हुसैन की जन्नत में ले के जाएगी उल्फ़त हुसैन की रब्ब-ए-हुसैन ! वासिता प्यारे हुसैन का फ़िरदौस में 'अता हो रफ़ाक़त हुसैन की माँ फ़ातिमा तो वालिद-ए-माजिद हैं मुर्तज़ा नाना नबी हैं, ख़ूब है क़िस्मत हुसैन की शेर-ए-ख़ुदा के शेर हैं, बेहद दिलेर हैं मशहूर है जहाँ में शुजा'अत हुसैन की कुंबा लुटाया, जान भी अपनी निसार की बे-मिस्ल-ओ-बे-मिसाल शहादत हुसैन की तख़्त-ए-यज़ीद ख़ाक में मिल कर फ़ना हुआ है आज भी दिलों पे हुकूमत हुसैन की दिल में रचा ले 'इश्क़ तू ज़हरा के लाल का महशर में रंग लाएगी चाहत हुसैन की मौला 'अली के लाल का अदना ग़ुलाम हूँ निस्बत रहे, 'इलाही ! सलामत हुसैन की बू-बक्र और 'उमर के तुफ़ैल, ऐ ख़ुदा-ए-पाक ! मरने से पहले देख लू तुर्बत हुसैन की महरूम कैसे हो भला मँगता हुसैन का ख़ाली फिराना है नहीं 'आदत हुसैन की भर भर के झोलियाँ लिए जाते हैं सब गदा मशहूर है जहाँ में सख़ावत हुसैन की 'अत्तार की ये आरज़ू पूरी हो, या ख़ुदा ! इस को दिखा दे ख़्वाब में सूरत हुसैन की शायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरी ना'त-ख़्वाँ: हस्सान अत्तारी मदनी रज़ा...